टीकाकरण बच्चों को गंभीर संक्रामक बीमारियों से बचाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। समय का महत्व इसलिए है क्योंकि टीके इस तरह डिज़ाइन किए जाते हैं कि वे बीमारी के जोखिम बढ़ने से पहले ही सुरक्षा तैयार कर दें।
समय का ध्यान क्यों रखा जाता है
राष्ट्रीय टीकाकरण अनुसूची (National Immunization Schedule) और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) की सिफारिशें इस आधार पर बनाई जाती हैं कि बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता किस उम्र में सबसे अच्छी प्रतिक्रिया देती है, और किस उम्र में किसी बीमारी का खतरा सबसे अधिक होता है।
टीका देर से लगने के सामान्य कारण
- टीके की तारीख के आसपास हल्की बीमारी होना
- यह अनिश्चितता कि कौन सा टीका जरूरी है और कौन सा वैकल्पिक
- घर बदलना या टीकाकरण रिकॉर्ड का गुम हो जाना
- अधूरी जानकारी के कारण झिझक
इनमें से अधिकतर स्थितियों को डॉक्टर से एक छोटी सी बातचीत से सुलझाया जा सकता है।
अगर टीका छूट जाए तो?
यदि आपके बच्चे का कोई टीका छूट गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। "कैच-अप वैक्सीनेशन" के जरिए बच्चे को सुरक्षित तरीके से अद्यतन (up to date) किया जा सकता है, बिना टीकाकरण फिर से शुरू किए। इस बारे में विस्तार से पढ़ें: Catch-up Vaccination: When a Child Has Missed Vaccines।
सही निर्णय लेने के लिए
यदि किसी टीके को लेकर आपके मन में सवाल हैं, तो परामर्श के दौरान सीधे चर्चा करना सबसे अच्छा तरीका है, न कि असत्यापित जानकारी पर भरोसा करना।
अधिक जानकारी के लिए हमारा Vaccination पेज देखें।