बच्चों में बुखार होना बहुत आम बात है और अक्सर यह शरीर के संक्रमण से लड़ने की स्वाभाविक प्रक्रिया होती है। ज्यादातर मामलों में बुखार अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।
बुखार कब माना जाता है?
आमतौर पर 100.4°F (38°C) या उससे अधिक तापमान को बुखार माना जाता है। लेकिन सिर्फ थर्मामीटर की रीडिंग ही नहीं, बच्चे का व्यवहार — जैसे दूध पीना, खेलना, सजगता — भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
कब डॉक्टर को दिखाना उचित है
- यदि बच्चा 3 महीने से कम उम्र का है और उसे बुखार है
- बुखार 2-3 दिनों से अधिक समय तक बना रहे
- बुखार के साथ दाने, लगातार खांसी, कान में दर्द, उल्टी या दस्त हों
- बच्चा असामान्य रूप से सुस्त, चिड़चिड़ा हो, या ठीक से दूध/खाना न ले रहा हो
- आप अनिश्चित हों और डॉक्टर की राय से आश्वस्त होना चाहते हों
घर पर क्या मददगार हो सकता है
हल्के बुखार में पर्याप्त तरल पदार्थ देना, हल्के कपड़े पहनाना और आराम देना आमतौर पर पर्याप्त होता है। बुखार कम करने वाली दवा डॉक्टर की सलाह अनुसार और बच्चे के वजन के अनुसार सही मात्रा में ही दी जानी चाहिए।
आपातकालीन स्थिति पर ध्यान दें
यदि बच्चे को तेज बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ, दौरा (seizure), बेहोशी जैसी स्थिति, या पूरे शरीर पर दाने दिखें, तो यह तुरंत चिकित्सा ध्यान की आवश्यकता वाली स्थिति है — कृपया नजदीकी आपातकालीन विभाग जाएं। यह क्लिनिक आपातकालीन सेवाएं प्रदान नहीं करता। इन चेतावनी संकेतों के बारे में अंग्रेज़ी में विस्तार से पढ़ें: Fever in Children: Warning Signs That Need Urgent Medical Attention।
अधिक जानकारी के लिए हमारा Childhood Fever and Acute Illness पेज देखें।